अपनी दहलीज़ पर मुझे बुलाना,
बुलाकर मेरा सम्मान करना,
मेरे होने से तेरा मुस्कराना,
आज भी याद है मुझे, याद है मुझे
रोज़ तेरी देहलीज़ चढूं मैं,
लम्हे हँसी के, लम्हे दोस्ती के,
लम्हे लढाई के, लम्हे मोहब्बत के,
तेरे साथ जिए, याद है मुझे, याद है मुझे.
बदले मौसम बढ़ी चाहत,
प्यार के सफ़र पर हम भी निकल पढ़े,
धीरे धीरे सफ़र और भी मज़ेदार होने लगा,
पर एक दिन सच का आयना सामने आना,
आप का मुझसे नज़रे चुराना, धोका देना,
गहरी चोट देना आज भी याद है मुझे, याद है मुझे.
देहलीज़ तक तेरे आकर लौट जाना,
टूटे दिल को समेठकर ले जाना,
आपका कुछ ना कहकर भी सुब कहजाना
आज भी याद है मुझे, याद है मुझे.
हा आज भी यद् है मुझे, सुब यद् है मुझे.
Written by-
©Ashwini Chaudhary.
Heart touching. Lovely lines..
ReplyDeleteHeart touching. Lovely lines..
ReplyDeleteThank you mansi
Delete