कोयल कुहती है हमेशा जैसे,
कुछ न्यासा नहीं रहा,
ज़िन्दगी मैं मेरे, बिन तेरे, बिन तेरे.
गुज़रता हैं वक़्त पड़े पड़े,
ज़िंदा हु मैं बस सांस लिए,
ना कोई अहसास,ना कोई ख्वाइश,
ना कोई ज़िद,ना कोई नुमाइश अब,
ज़िन्दगी मैं मेरे, बिन तेरे, बिन तेरे,
बदल गया वक़्त, और बदले मौसम सारे,
ठहर गया साया मेरा साहिल, के किनारे,
देख देख लहरों को नम गए अश्रेय सारे,
चल रही सांसे मेरी यादोंके सहारे,
ख़ामोशी हैं बस अब,
ज़िन्दगी मैं मेरे, बिन तेरे, बिन तेरे
बिन तेरे, बिन तेरे
Written by
©Ashwini Chaudhary