आंसूओ से झलक आती हैं,
दिल मैं छिपे बातें,
आँखों की चमक से समज जाती हैं
मेरे दर्द की दवाँ मेरे आंसू हैं,
मेरे दर्द की दवाँ मेरे आंसू है,
और कोई मरहम न काम आया,
बह गए जब आंसू,
तब कही दिल को चैन आया,
अब इन आंसुओ से रिश्ता सा बन गया हैं,
अब इन आंसुओ से रिश्ता सा बन गया हैं,
अक्सर भिगों देती है मेरी पलके,
जब आप का ख़याल आया,
आपका ख्याल आया, ख्याल आया.
Written by-
©Ashwini Chaudhary.
बहोत ख़ूब !!
ReplyDeleteआसुओका रिश्ता ग़हरा समुंदर सा
वक़्त रहते मीठे पानी का चुनाव
जल्द ही कर लेना चाहिए
वरना देर होते ही नमक बन जाता है
जिसे कोई पूछनेवाला नहीं यहाँ
रिश्ता रह जाता है बस नाम का
©️वर्षा_शिदोरे
Kya khoob likha hai apne
Deletejoda isse namak aur pani se
Khokhle rishte khare ban jate
Mithe pani ke talash main
Chunav kaise kare yahi sawal hai !!
शुक्रिया !
Deleteमीठे पानी की आस रखना
पर कोई गिलेशिकवे ना रखना
चुनाव तो राहे ख़ुद ही कर लेगी
बस तुम हौसला रखना.....