Sunday, October 20, 2019

आंसू (Aansu)

रिश्तों की गहराई दर्द मैं,
आंसूओ से झलक आती हैं, 
दिल मैं छिपे बातें,
आँखों की चमक से समज जाती हैं

मेरे दर्द की दवाँ मेरे आंसू हैं, 
मेरे दर्द की दवाँ मेरे आंसू है,
और कोई मरहम न काम आया,
बह गए जब आंसू,
तब कही दिल को चैन आया,

अब इन आंसुओ से रिश्ता सा बन गया हैं,
अब इन आंसुओ से रिश्ता सा बन गया हैं,
अक्सर भिगों देती है मेरी पलके,
जब आप का ख़याल आया,
आपका ख्याल आया, ख्याल आया.



Written by- 
©Ashwini Chaudhary.

3 comments:

  1. बहोत ख़ूब !!

    आसुओका रिश्ता ग़हरा समुंदर सा
    वक़्त रहते मीठे पानी का चुनाव
    जल्द ही कर लेना चाहिए
    वरना देर होते ही नमक बन जाता है
    जिसे कोई पूछनेवाला नहीं यहाँ
    रिश्ता रह जाता है बस नाम का

    ©️वर्षा_शिदोरे

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    1. Kya khoob likha hai apne
      joda isse namak aur pani se
      Khokhle rishte khare ban jate
      Mithe pani ke talash main
      Chunav kaise kare yahi sawal hai !!

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    2. शुक्रिया !

      मीठे पानी की आस रखना
      पर कोई गिलेशिकवे ना रखना
      चुनाव तो राहे ख़ुद ही कर लेगी
      बस तुम हौसला रखना.....

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