Monday, November 25, 2019

कुर्बान (Kurban)

तेरी हंसी के लिए ये दिल तुझपे कुर्बान है,
तेरे ओठों की नमी से ये दिल तुझपे कुर्बान हैं।

तेरी नज़र जो नशीली है असर ऐसा करती है,
डूब जाऊ इस समंदर मैं, के दिल तुझपे कुर्बान है।

तेरी सोच बुलंद, तेरे बोल बुलंद, पिघल गए हम मोम से,
समानता का जो पाठ पढाऐ, ये दिल तुझपे कुर्बान है।

मोहब्बत हो गई हैं आपसे, सूरत से नहीं सीरत से,
प्यारा दिल और प्यारी बातें, ये दिल तुझपे कुर्बान हैं।





Written by-
©Ashwini Chaudhary.




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