SHAYARI
Thursday, May 21, 2020
shayari
जीने के लिए सासोंक़ी ज़रूरत हैं
दिल को धड़काने मैं धड़कन की ज़रूरत हैं
मंज़िल को पाने के लिए मेहनत की ज़रूरत हैं
उसी तरह:
प्यार को कामियाब बनाने के लिए ईमानदारी की ज़रूरत है , ईमानदारी की ज़रूरत हैं.
Written by---
©Ashwini chaudhary.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment